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PM Modi Speech Highlights at UNGA 2019: Top 10 quotes of PM's Speech at 74th UNGA Session

PM Modi Speech Highlights at UNGA 2019: Top 10 quotes of PM's Speech at 74th UNGA Session



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2019 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया. यह संयुक्त राष्ट्र सभा में प्रधानमंत्री मोदी का दूसरा संबोधन है. उन्होंने इससे पहले जलवायु परिवर्तन सम्मेलन को संबोधित किया था.
PM Modi Speech Highlights at UNGA 2019: Top 10 quotes of PM's Speech at 74th UNGA Session

PM Modi Speech Highlights at UNGA 2019: Top 10 quotes of PM's Speech at 74th UNGA Session



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद इमरान खान का संबोधन हुआ था. प्रधानमंत्री मोदी से पहले मॉरिशस के राष्ट्रपति, इंडोनेशिया के उपराष्ट्रपति और लिसोथो के प्रधानमंत्री इस सत्र को संबोधित किया था. प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन चौथे नंबर पर था, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का संबोधन सातवें नंबर पर था.

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की दस महत्वपूर्ण बातें


• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के संबोधन की शुरुआत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा का संदेश पूरे दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक है.


• 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी, निजी जीवन, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में, कनेक्टिविटी (संयोजकता) सामूहिक परिवर्तन ला रही है. इन परिस्थितियों में एक बिखरी हुई दुनिया किसी के हित में नहीं है और न ही हमारे पास अपनी सीमाओं में सिमट जाने का विकल्प है.

• प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व शांति के प्रति भारत के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि हमने दुनिया को ‘‘युद्ध नहीं बुद्ध’’ दिये हैं. हम उस देश के वासी हैं, जिसने पुरे विश्व को युद्ध नहीं बुद्ध दिये हैं.


• प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा की हमारी आवाज में आतंक के विरुद्ध विश्व को सतर्क करने की गंभीरता भी है, आक्रोश भी है. हम जानते हैं कि यह किसी एक देश की नहीं, बल्कि पुरे विश्व और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है.

• प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व शांति के प्रति भारत के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि हमने दुनिया को ‘‘युद्ध नहीं बुद्ध’’ दिये हैं. हम उस देश के वासी हैं, जिसने पुरे विश्व को युद्ध नहीं बुद्ध दिये हैं.

• 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी, निजी जीवन, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में, कनेक्टिविटी (संयोजकता) सामूहिक परिवर्तन ला रही है. इन परिस्थितियों में एक बिखरी हुई दुनिया किसी के हित में नहीं है और न ही हमारे पास अपनी सीमाओं में सिमट जाने का विकल्प है.

• प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साल 2022 में जब भारत आजादी के 75 साल पूरे करेगा, तब गरीबों हेतु दो करोड़ घर बना लिये जायेंगे. विश्व ने इसी तरह टीबी से मुक्ति के लिये साल 2030 का समय तय किया है जबकि भारत ने साल 2025 तक ही इससे मुक्ति का लक्ष्य बनाया है.

• प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में हम, जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ही 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने वाले हैं. पांच वर्षों में सवा लाख किमी से भी ज्यादा गांवों में सड़के बनाने जा रहे हैं.

• भारत का योगदान ग्लोबल वार्मिंग में कम है, लेकिन समाधान हेतु कदम उठाने में भारत अग्रणी देश है. हम अपनी ओर से ग्लोबल वॉर्मिंग के विरुद्ध पूरी ताकत से लड़ रहे हैं.

• हमारे देश की संस्कृति हजारों साल पुरानी है. इसकी अपनी जीवंत परंपराएं हैं, जो वैश्विक सपनों को अपने में समेटे हुए है. हमारे संस्कार और संस्कृति जीव में शिव को देखते हैं.


• हमारी प्रेरणा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास है. हम 130 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर कोशिश कर रहे हैं लेकिन ये प्रयास जिन सपनों के लिए हो रहे हैं, वो सारे दुनिया के हैं, हर देश के हैं, हर समाज के हैं.

• भारत विश्व की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस योजना सफलतापूर्वक चलाता है. 50 करोड़ लोगों को प्रत्येक साल 5 लाख रुपए तक के फ्री इलाज की सुविधा देता है, तो उसके साथ बनी संवेदनशील व्यवस्थाएं पुरे विश्व को एक नया रास्ता दिखाती हैं.

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